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केन्द्र से कांडई सीला मोटर मार्ग व सीलापुल निर्माण की स्वीकृति मिली।

1957-58 में बने वन मोटरमार्ग कोटद्वार-लालढांग- धारकोट- सीला-फेडुवा  जो सन् 1962  तक जिस पर जीएमओयू की बसें चली और जो बाद में मरम्मत व देखरेख के अभाव में बंद हो गया था। बाद में  कौडिया किमसार मोटरमार्ग के बनने से और उससे धारकोट के जुड़ने से धारकोट-तिमल्याणी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का अंग बना। परन्तु तिमल्याणी बैण्ड,कंडारा,दयाकाटल सीला तक का भाग बीच में जंगलात में पड़ने से  यह भाग नही बन पाया था।जनता की निरंतर मांग पर13 फरवरी 24 कांडई-सीलापुल मोटरमार्ग व रवासण नदी (सतेड़ीगाड) में 24 मीटर स्पान के पुल के निर्माण की स्वीकृति केंद्र सरकार के पर्यावरण,वन एवं जलवायु मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिलने पर स्थानीय जनता में हर्ष की लहर दौड़ गयी है।

प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री श्री सतपाल महाराज के जनसंपर्क अधिकारी श्री कृष्णमोहन रतूड़ी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 156/2018 की इस सड़क के निर्माण के बदले वन विभाग को 1.8315हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग द्वारा हस्तांतरित की गयी।जिससे कांडईसे सीला पुल तक सड़क बनने तथा2014की आपदा में बहे मोटर पुल के स्थान पर 24 मीटर स्पान सेतु का निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ हो जाएगा। स्थानीय जनता ने इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिलने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, लोकनिर्माण मंत्री श्री सतपाल महाराज,लोनिवि के मंत्री के पीआरओ श्री कृष्णमोहन रतूड़ी,लोक निर्माण व राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

By Janswar

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