(अरुणाभ रतूड़ी जनस्वर)

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को राजभवन में लोक कलाकार डॉ. नंदलाल भारती की पुस्तक “आमारे जौनसारी गीत” का विमोचन किया।

राजभवन देहरादून:- इस पुस्तक में डॉ. भारती ने अपने 40 वर्षों के अनुभव के आधार पर जौनसारी लोकगीतों का संकलन है। इसमें समाज से जुड़े विभिन्न विषयों की विशेषताओं, अच्छाइयों और लोक सरोकारों को गीतों के माध्यम से जनमानस तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। साथ ही अपने आराध्य देव महासू देवता की महिमा तथा क्षेत्रीय विकास योजनाओं से जुड़े प्रसंग भी गीतों में समाहित हैं।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जौनसार जनजातीय क्षेत्र की संस्कृति अत्यंत समृद्ध, जीवंत और अद्वितीय है। यह समुदाय अपनी परंपराओं, जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है, जो सभी के लिए अनुकरणीय है।

    राज्यपाल ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि डॉ. नंदलाल भारती ने अपनी लेखनी के माध्यम से जौनसार की संस्कृति और गीतों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का कार्य किया है। जौनसारी गीत हमें हमारे इतिहास, परंपराओं और लोक जीवन की गहराई से जोड़ते हैं।

    राज्यपाल ने  कहा कि आज की पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यदि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों और संस्कृति को समझेंगी, तभी वे आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होंगी। राज्यपाल ने डॉ. नंदलाल भारती को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि उनके लेखन से जौनसार क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।

    इस अवसर पर के.एस. चौहान, चंदन राम राजगुरु, विजेंद्र रावत, प्रेम पंचोली, आनन्द चौहान, भारत चौहान, प्रवीन कुमार भट्ट, मनोज इष्टवाल, जयपाल सिंह एवं कुमारी विमला आदि उपस्थित रहे।

By Janswar

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