(अरुणाभ रतूड़ी जनस्वर)

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शुक्रवार को विभिन्न विभागों में नियुक्त दायित्वधारियों ने राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की।

राजभवन देहरादून:- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शुक्रवार को विभिन्न विभागों में नियुक्त दायित्वधारियों ने राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने सभी दायित्वधारियों से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त किया और उन्हें उनके नवीन दायित्वों के लिए बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की।

इस अवसर पर दायित्वधारियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से न केवल योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन होगा, बल्कि अनुश्रवण और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जब दायित्व के साथ पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा जुड़ जाती है, तभी सुशासन की सच्ची आधारशिला रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी दायित्वाधारी सेवा और कल्याण की भावना के साथ लोगों की आकांक्षाओं में खरा उतरने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक पर्यटन, कृषि एवं स्थानीय उत्पादों और वैलनेस का अनमोल वरदान प्राप्त है, इन क्षेत्रों में कार्य कर हम प्रदेश की आर्थिकी को बढ़ा सकते हैं। उत्तराखण्ड को देवभूमि कहते हैं, यह केवल अपनी आध्यात्मिकता के लिए ही नहीं, बल्कि वीरता, प्रकृति, संस्कृति और सेवा भावना के लिए भी जाना जाता है। ऐसी पवित्र भूमि पर कार्य करने का अवसर एक सौभाग्य है, और आप सब इस सौभाग्य के सहभागी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कथन के अनुसार 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए सभी के सामूहिक प्रयास आवश्यक है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सभी दायित्वधारी जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाते हुए, निष्ठा, कर्मठता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लेकर उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर अनेक दायित्वधारी मौजूद रहे।

इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

By Janswar

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