लापता पत्रकार राजीव प्रताप का शव झील से बरामद, हत्या या हादसा? निष्पक्ष जाँच के आदेश।

उत्तरकाशी:- जिले से बीते दस दिन से लापता युवा पत्रकार राजीव प्रताप का शव रविवार सुबह जोशियाड़ा बैराज की झील से बरामद हुआ है। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, जिसके चलते उनकी मौत को लेकर गहरा संदेह पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न संगठनों ने घटना पर गहरा दुख जताया है और निष्पक्ष जांच की बात कही है।

10 दिन बाद मिला शव; 18 सितंबर से थे लापता:- आपदा प्रबंधन विभाग को रविवार सुबह करीब 10:40 बजे झील में शव दिखाई देने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम ने शव को बाहर निकाला। परिजनों ने शव की पहचान राजीव प्रताप के रूप में की, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

राजीव प्रताप (HJ, दिल्ली 2020-21), जो ‘दिल्ली उत्तराखंड LIVE’ नामक डिजिटल न्यूज़ चैनल चलाते थे, वे 18 सितंबर की रात करीब 11 बजे अचानक लापता हो गए थे।

  • लापता होने का तरीका: वह एक पुलिसकर्मी दोस्त की कार लेकर गंगोत्री की ओर निकले थे।
  • कार बरामदगी: उनकी कार अगले दिन भागीरथी नदी में स्यूंणा गाँव के पास खाली मिली थी।
  • FIR: परिजनों की तहरीर पर पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था, जिसे बाद में अपहरण की धाराओं में बदल दिया गया था।
  • पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें दस दिनों तक व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही थीं, पर कोई सफलता नहीं मिल पाई थी।

षड्यंत्र का संदेह और धमकियों का आरोप शव बरामद होने के बाद यह सवाल खड़े हो गए हैं कि राजीव की मौत महज हादसा थी या किसी गहरी साज़िश का नतीजा।

पत्नी के आरोप: राजीव की पत्नी ने पहले एक वीडियो में आरोप लगाया था कि उनके पति को उत्तरकाशी जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण धमकियाँ मिल रही थीं। इस आरोप ने संदेह को और गहरा कर दिया है।

पुलिस का बयान: पुलिस का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने दिए गहन जांच के आदेश-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने घटना की गहन और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी शोक प्रकट किया। आईआईएमसी एलुमनाई एसोसिएशन (IIMCAA) ने राजीव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे ‘रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत’ बताया है।

 

 

 

 

 

 

 

By Janswar

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