अमर शहीद श्री देव सुमन: टिहरी की क्रांति की अनन्त प्रेरणा। WWW.JANSWAR.COM

अमर शहीद श्री देव सुमन: टिहरी की क्रांति की अनन्त प्रेरणा।

(अरुणाभ रतूड़ी):- आज उनके पैतृक जोल गांव में शत-शत नमन — अमर शहीद श्री देव सुमन की 110वीं जयंती पर हम सप्रेम श्रद्धा के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। टिहरी जनक्रांति के महानायक देव सुमन ने अपने साहस और त्याग से उस समय की राजशाही के अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलन्द की और अपने सर्वोच्च बलिदान से आज के जनमानस को आजीवन प्रेरित किया।

देव सुमन: जीवन और संघर्ष:- देव सुमन का जन्म और बढ़ती चेतना पहाड़ की मिट्टी और पीड़ा से गढ़ी हुई थी। उन्होंने भ्रष्ट व अत्याचारी राजशाही के खिलाफ स्थानिक जनता में जागरुकता फैलाई और अन्याय के विरुद्ध संगठित संघर्ष का मार्ग प्रदर्शित किया। उनका जीवन सादगी, साहस और निडरता का प्रतिरूप था। अपने विचारों और कथनी-करनी के समन्वय से वे लोगों के बीच गहरी पकड़ बना सके — यही कारण है कि आज भी उन्हें ‘पहाड़ का भगत सिंह’ कहा जाता है।

बलिदान और उसकी छाप:- राजशाही के अत्याचार का प्रतिकार करते हुए देव सुमन ने न केवल प्रत्यक्ष रूप से संघर्ष किया बल्कि युवाओं में देशभक्ति और स्वाधीनता की भावना जगाई। उनकी शहादत ने टिहरी रीहायत तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्रोह की लपटों को प्रबल किया। उनका बलिदान केवल तत्काल राजनीतिक परिवर्तनों का कारण नहीं बना, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए नैतिक और सामाजिक साहस का उदाहरण भी बन गया। आज उनकी याद नायकत्व, आत्मबलिदान और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की मिसाल है।

जोल गांव में श्रद्धांजलि व कार्यक्रम:- उनकी 110वीं जयंती पर उनके पैतृक जोल गांव में श्रद्धालुओं, परिजनों और स्थानीय जनमानस ने पुष्प अर्पण, दीप प्रज्वलन और स्मृति सभाओं के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके जीवन के विविध पहलुओं — साहस, नेतृत्व और समाजसेवा — को याद किया और युवाओं से उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। स्थानीय संगठनों ने उनके संघर्ष पर आधारित व्याख्यान और साहित्यिक कार्यक्रम भी आयोजित किए।

देव सुमन का आज का प्रासंगिक संदेश:- वर्तमान समय में जहाँ समाजिक-राजनीतिक चुनौतियाँ बदल रही हैं, देव सुमन का संदेश — अन्याय के विरुद्ध अडिग खड़े होना, सत्य के लिए निडरता से संघर्ष करना और समाज के पीड़ितों के साथ खड़ा होना — उतना ही प्रासंगिक है। उनके आदर्श हमें सिखाते हैं कि असल आज़ादी केवल शासन परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और जनहित के मार्ग पर काम करना है।

अमर शहीद श्री देव सुमन की 110वीं जयंती पर जोल गांव व सम्पूर्ण टिहरीजन उनके प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है — एक ऐसा आदर्श जो हमें न्याय, साहस और त्याग की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। शत-शत नमन।