विश्व बाल श्रम निषेध दिवस: बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प जरूरी।

(अरुणाभ रतूड़ी) विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों के संरक्षण एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों से बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा विकास के समान अवसर मिलना प्रत्येक समाज की जिम्मेदारी है। बाल श्रम न केवल बच्चों के बचपन और सपनों को छीनता है, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उसे अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिल सके।

इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे बाल श्रम को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों का विरोध करें तथा बच्चों के अधिकारों और हितों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

“आइए, इस विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिले तथा बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

By Janswar

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