लोक भवन, देहरादून:- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में टीबी रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अनाथ बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार प्रदान किए, टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार वितरित किया तथा जरूरतमंदों को सिलाई मशीनें प्रदान कीं। राज्यपाल ने हर्षल फाउंडेशन के दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास की मुख्यधारा में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित हो। दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, क्षमता और आत्मविश्वास के बल पर समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। उन्हें समान अवसर, उचित मंच और प्रोत्साहन उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहे संस्थानों और संगठनों के प्रयासों की सराहना की।
टीबी उन्मूलन के लिए पौष्टिक आहार और सामाजिक सहयोग जरूरी:- राज्यपाल ने टीबी उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि इस बीमारी के विरुद्ध लड़ाई में समय पर उपचार, पौष्टिक आहार तथा परिवार और समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीबी रोगियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भावनात्मक और सामाजिक सहयोग देना भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा रोगियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
सेवा और संवेदना से बनेगा समावेशी समाज:- राज्यपाल ने कहा कि सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना ही एक समावेशी एवं सशक्त समाज की नींव है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अवसरों के अभाव में विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए।
कार्यक्रम में सांसद श्री नरेश बंसल, हर्षल फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती रमा गोयल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरु, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
