केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया उद्घाटन, 30 हजार वर्ग फुट में विकसित आधुनिक केंद्र से IT सेक्टर और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।

देहरादून:-  भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने देहरादून के आईटी पार्क, सहस्रधारा रोड में अपनी नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी का शुभारंभ किया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी का उद्देश्य उत्तराखण्ड में आईटी एवं आईटीईएस (IT/ITeS) इकोसिस्टम को मजबूत करना तथा प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता, नवाचार, उत्पाद विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। लगभग 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिलों पर विकसित इस केंद्र में स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी उद्यमों के लिए आधुनिक कार्यस्थल एवं आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

फैसिलिटी में अर्द्ध-सुसज्जित कार्यालय स्थान, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, वातानुकूलित एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल, एक ऑडिटोरियम, दो मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (NOC) की व्यवस्था की गई है। इससे नवाचार आधारित उद्यमों को अपने व्यवसाय की स्थापना, विकास और विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।

तकनीकी आत्मनिर्भरता और स्टार्टअप्स को मिलेगा प्रोत्साहन : जितिन प्रसाद:- केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रौद्योगिकी और व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी उद्यमों को सहयोग, विचारों के आदान-प्रदान तथा नवोन्मेषी समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी। उत्तराखण्ड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से राज्य में निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास सहित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

देहरादून में IT सेक्टर के विस्तार की अपार संभावनाएं : प्रदीप बत्रा:- उत्तराखण्ड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सोच, आकांक्षाओं और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता में भी सकारात्मक बदलाव आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी जैसी पहल राज्य में तकनीकी उद्यमों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगी। इससे उत्तराखण्ड की प्रगति के साथ देश के विकास के व्यापक लक्ष्य को भी गति मिलेगी।

देहरादून बन सकता है प्रमुख IT हब : गणेश जोशी:- उत्तराखण्ड सरकार के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए युवाओं के लिए पारंपरिक आईटी हब से आगे बढ़कर नए अवसर विकसित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि देहरादून एक प्रमुख शिक्षा केंद्र है और यहां उपलब्ध प्रतिभा एवं संभावनाओं के आधार पर इसे बेंगलुरु और हैदराबाद की तरह प्रमुख आईटी गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। STPI की नई सुविधा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डिजिटल गवर्नेंस और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा : पंकज पांडे:- उत्तराखण्ड सरकार के आईटी सचिव श्री पंकज पांडे ने कहा कि STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी राज्य के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण विस्तार है। यह युवा उद्यमियों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहयोग उपलब्ध कराएगी, जिससे वे अपनी विशेषज्ञता और नवीन विचारों को सफल व्यवसायों में बदल सकेंगे।

उन्होंने सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगभग एक हजार सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर डिजिटल गवर्नेंस को लगातार आगे बढ़ा रही है।

स्टार्टअप्स को देशभर के निवेशकों और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर : अरविंद कुमार:- STPI के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने कहा कि संगठन का देशव्यापी नेटवर्क स्टार्टअप्स को स्थानीय इकोसिस्टम से आगे बढ़कर देशभर के निवेशकों, विशेषज्ञों और प्रौद्योगिकी समाधानों तक पहुंच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि देहरादून की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी उभरते आईटी एवं आईटीईएस उद्यमों को व्यवसाय स्थापित करने और उसका विस्तार करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी। इससे राज्य में नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी के शुरू होने से देहरादून में तकनीकी उद्यमिता, स्टार्टअप विकास और निवेश की संभावनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह केंद्र उत्तराखण्ड को प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

 

By Janswar

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