डॉ. अग्रवाल ने बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण पर सदन को अवगत कराया कि क्षेत्र में लगभग 75 वर्षों से अधिक समय से निवासरत 60 हजार से अधिक लोगों के ऊपर संकट छाया हुआ है। यह विषय हजारों परिवारों के भविष्य और उनके आवासीय अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में लोग निवासरत हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में एम्स, आईडीपीएल, पशुपालन विभाग तथा टिहरी विस्थापितों से संबंधित व्यवस्थाओं सहित कई सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान भी संचालित हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि वर्षों से यहां निवास कर रहे परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने सदन के माध्यम से इस विषय पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया। उल्लेखनीय है कि प्रकरण के समाधान की दिशा में कैबिनेट की बैठक में समिति गठित करने का निर्णय भी लिया जा चुका है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए आगे की कार्यवाही शीघ्रता से किए जाने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही डॉ. अग्रवाल ने नियम 300 के तहत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र एवं वन भूमि से जुड़े क्षेत्रों की सड़क संबंधी समस्याओं को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने राजाजी नेशनल पार्क से सटे ओणेश्वर मंदिर से साहब नगर (पुरानी जंगला चौकी) तक की सड़क सहित रिजर्व फॉरेस्ट की गढ़ी, भट्टोंवाला, रुषा फार्म (गुमानीवाला) एवं गौरी माफी क्षेत्र की सड़कों के पुनरुद्धार, चौड़ीकरण और डामरीकरण की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़कें स्थानीय निवासियों के आवागमन, दैनिक आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सड़कों की बेहतर स्थिति से ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी और आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। इसलिए संबंधित क्षेत्रों की सड़क समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाना चाहिए।
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन के माध्यम से स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े इन विषयों का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है।
