मौसम के ऑरेंज अलर्ट के बीच हेलीकॉप्टर उड़ान पर उठे सवाल, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटीं।
जोशीमठ/चमोली:- चमोली जनपद में शुक्रवार को बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा सामने आया। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर जोशीमठ के चाई गांव के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। सभी विभागों की ओर से संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने की है। गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने संभाली घटनाक्रम की निगरानी:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी करने की बात कही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने और घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने को कहा है।
ऑरेंज अलर्ट के बीच उड़ान पर उठे सवाल:- हादसे के बाद मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान संचालित किए जाने के निर्णय पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौसम की स्थिति, तकनीकी खराबी और उड़ान संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान:- प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज के रूप में बताई गई है।
फिलहाल प्रशासन और बचाव दल का पूरा ध्यान रेस्क्यू अभियान पर केंद्रित है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से बदलते मौसम के बीच हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा को लेकर यह हादसा एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नोट: यात्रियों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होने तक खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
