अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसपी जया बलोनी से की बात, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश; स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी होगी जांच।

देहरादून, 24 अक्टूबर। देहरादून स्थित समर वैली स्कूल में नाबालिग छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जया बलोनी से दूरभाष पर वार्ता कर मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी ली।

वार्ता के दौरान एसपी जया बलोनी ने बताया कि आरोपी शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है। महिला आयोग अध्यक्ष ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी होगी जांच:- महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में छात्राओं के साथ इस प्रकार का कथित दुर्व्यवहार बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि छात्राओं के साथ लंबे समय से कथित अनुचित व्यवहार होने के बावजूद विद्यालय स्तर पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य पर मामले को दबाने, आरोपी का बचाव करने तथा छात्राओं पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय का दौरा करेंगी आयोग अध्यक्ष:- कुसुम कंडवाल ने कहा कि वह स्वयं विद्यालय का दौरा कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगी। साथ ही, प्रभावित नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए महिला आयोग की ओर से विशेषज्ञ काउंसलिंग की व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि छात्राएं बिना किसी भय या मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मामले में सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता:- महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

By Janswar

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