ग्रामीण पॉलिटेक्निक थलनदी की बदहाली पर कांग्रेस का हल्ला बोल, सुविधाएं बढ़ाने की मांग। WWW.JANSWAR.COM

1981 में स्थापित संस्थान आज संसाधनों के अभाव से जूझ रहा, नए ट्रेड और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग।

यमकेश्वर। ग्रामीण पॉलिटेक्निक थलनदी की लगातार बिगड़ती व्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार आंदोलन किया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनिल रतूड़ी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने संस्थान की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल सुधार की मांग की।

आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ग्रामीण पॉलिटेक्निक थलनदी की स्थापना वर्ष 1981 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी, लेकिन वर्तमान में यह संस्थान बदहाली का सामना कर रहा है। पॉलिटेक्निक में फिलहाल केवल दो ट्रेड संचालित हो रहे हैं और छात्र संख्या भी बेहद कम है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पर्याप्त संसाधनों, शिक्षकों, तकनीकी स्टाफ और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण तकनीकी शिक्षण संस्थान अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

नए ट्रेड शुरू करने समेत कई मांगें

आंदोलनकारियों ने सरकार से पॉलिटेक्निक में नए ट्रेड शुरू करने, पर्याप्त शिक्षक एवं तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति करने, भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने की मांग की। साथ ही क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग भी उठाई गई।

इस दौरान अरविंद नेगी, कुलदीप भाई सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि थलनदी पॉलिटेक्निक को बचाने के लिए सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे। संस्थान में सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

मुख्य मांगें

  • पॉलिटेक्निक में नए ट्रेड शुरू किए जाएं।
  • पर्याप्त शिक्षक और तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराया जाए।
  • भवन एवं मूलभूत सुविधाओं का सुधार किया जाए।
  • तकनीकी शिक्षा के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
  • क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएं।