170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से वंचित, भारतनेट के तहत 108 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित या लंबित।

देहरादून:- देहरादून जनपद के दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में दूरसंचार कंपनियों को विधानसभा चुनाव से पहले सभी चिह्नित शैडो एरिया में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पहले इन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सात और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बीएसएनएल सहित सभी दूरसंचार कंपनियों को नेटवर्क विस्तार का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, राजस्व और वन भूमि से जुड़ी समस्याओं का संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल समाधान करने को कहा।

निष्क्रिय मोबाइल टावर होंगे दुरुस्त:- डीएम ने दूरसंचार कंपनियों को अपने मोबाइल टावरों और नेटवर्क कनेक्टिविटी का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय टावरों को तत्काल दुरुस्त कर नेटवर्क सेवाएं बहाल की जाएं। जिन क्षेत्रों में किसी भी कंपनी का मोबाइल टावर नहीं है, वहां बीएसएनएल प्राथमिकता के आधार पर नए टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करे।

इसके साथ ही ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट परियोजना के तहत फाइबर नेटवर्क कनेक्टिविटी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से दूर:- बैठक में बीएसएनएल अधिकारियों ने बताया कि देहरादून जनपद के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है, जबकि 170 गांव अभी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 4जी मोबाइल टावर सेचुरेशन परियोजना के तहत स्वीकृत 24 ग्राम पंचायतों में से 22 में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। रायपुर और सहसपुर क्षेत्र की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि संबंधी समस्या के कारण काम लंबित है।

भारतनेट की 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित:- भारतनेट परियोजना की समीक्षा में सामने आया कि पहले चरण में कनेक्ट की गई 209 ग्राम पंचायतों में से 69 में फाइबर केबल कटने के कारण कनेक्टिविटी प्रभावित है। वहीं, दूसरे चरण में कुल 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष 39 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फाइबर केबल कटने से प्रभावित ग्राम पंचायतों में नेटवर्क बहाल करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों में संचार सुविधाओं का विस्तार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, बीएसएनएल के डीजीएम रणवीर सिंह चौहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, मैनेजर डीआईसी सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

By Janswar

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