(अरुणाभ रतूड़ी जनश्वर)

पंचायत चुनाव की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों को झटका।

नैनीताल:- उत्तराखंड में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने चुनावी मैदान में हलचल मचा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को तगड़ा झटका देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, अब वे उम्मीदवार पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे जिनके नाम शहर (नगर निकाय) और गाँव (ग्राम पंचायत) दोनों जगह की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।

यह आदेश पंचायत चुनाव में नाम वापसी के आखिरी दिन आया, जिससे प्रत्याशियों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों में खलबली मच गई है।

न्यायालय ने अपने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्वशासन के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक ही समय में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों का मतदाता नहीं हो सकता। यदि किसी उम्मीदवार का नाम शहर की नगर निकाय वोटर लिस्ट और गाँव की पंचायत वोटर लिस्ट, दोनों में पाया जाता है, तो उसे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा।

हाईकोर्ट के इस ‘स्टे’ (रोक) के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन आने के कारण, अब आयोग को तत्काल उन हजारों दावेदारों की पहचान करनी होगी और उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना होगा जिनके नाम दो जगह की वोटर लिस्ट में हैं। यह प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूरी करना आयोग के लिए एक जटिल कार्य होगा।

हाईकोर्ट का यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुचिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। हालांकि, इसने उन कई उम्मीदवारों के सपनों पर पानी फेर दिया है जो दोहरी वोटर लिस्ट के सहारे चुनाव लड़ने की फिराक में थे। अब देखना यह होगा कि राज्य निर्वाचन आयोग इस आदेश को कितनी तत्परता और प्रभावी ढंग से लागू कर पाता है।

By Janswar

You missed

error: Content is protected !!