(अरुणाभ रतूड़ी जनश्वर)

  • आंगनबाड़ी भवनों का बहुउद्देशीय कार्यों में उपयोग के निर्देश।
  • ड्रॉप आउट महिलाओं को पुनः शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु नियमों में उदारतापूर्ण संशोधन की नसीहत।

छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक आसानी से एवं कम लागत में परिवहन की सुविधा सुलभ करवाने के प्रयासों पर जोर।

 देहरादून:- मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव उच्च शिक्षा को अधूरी शिक्षा को पूरी करने की इच्छुक महिलाओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में आसानी से प्रवेश दिलाने लिए एक उदार कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को गांवों में आंगनबाड़ी भवनों के पूर्णतः उपयोग को सुनिश्चित करते हुए बहुउद्देशीय कार्यों जैसे महिलाओं हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने परिवहन एवं शिक्षा विभाग को छात्राओं हेतु शिक्षण संस्थानों तक आसानी से एवं कम लागत में परिवहन की सुविधा सुलभ करवाने हेतु एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यूएन विमेन के राज्य में महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर उतारने हेतु नियोजन, श्रम, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं परिवहन विभाग को प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कौशल विकास विभाग को नोडल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यूएन विमेन इण्डिया से कल्याणकारी योजनाओं का महिलाओं के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने का आग्रह किया है।

यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि राज्य में यूएन विमेन का फोकस महिलाओं की आय की सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्वतंत्रता, लैगिंक हिंसा की समाप्ति, राज्य के बजट एवं नियोजन में लैगिंक समानता पर कार्य करना है।

बैठक में यूएन इण्डिया के प्रतिनिधि सुश्री पदमाकक्षी, सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्री पंकज कुमार पाण्डेय, डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, यूकॉस्ट, ग्राम्य विकास के अधिकारी मौजूद रहे।

By Janswar

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