विश्व क्षय रोग दिवस पर जानें टीबी से बचाव, समय पर इलाज ही सबसे बड़ा हथियार।

(अरुणाभ रतूड़ी):- हर वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य Tuberculosis (टीबी) के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और इसके उन्मूलन के प्रयासों को तेज करना है। यह दिन दुनिया भर में टीबी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संदेश देता है।

भारत सहित उत्तराखण्ड में भी टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों को निःशुल्क जांच, दवाइयां और उपचार की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, मरीजों को पोषण सहायता भी प्रदान की जा रही है ताकि वे जल्द स्वस्थ हो सकें।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सरकार का लक्ष्य है कि समय रहते पहचान और सही उपचार के माध्यम से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जाए। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

👉 विश्व क्षय रोग दिवस हमें यह संदेश देता है कि जागरूकता, समय पर जांच और नियमित इलाज से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को हराया जा सकता है।

By Janswar

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