‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चन्द्र की पुण्यतिथि: राष्ट्रचेतना को नमन।

अरुणाभ रतूड़ी (जनस्वर न्यूज़):- भारतीय राष्ट्रचेतना के अग्रदूत, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता और राष्ट्रभाव के प्रखर पुरोधा बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर सम्पूर्ण राष्ट्र विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

उनकी लेखनी ने पराधीन भारत के मन में स्वाधीनता का स्वर जगाया। ‘आनन्दमठ’ उपन्यास में संकलित ‘वंदे मातरम्’ गीत ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया, बल्कि इसे राष्ट्रगान का दर्जा दिलाया। इस गीत के माध्यम से बंकिम चन्द्र ने राष्ट्रभक्ति को शब्द नहीं, बल्कि आत्मा का स्वर दिया, जो आज भी हर भारतीय के हृदय में गर्व, प्रेरणा और राष्ट्रभाव का संचार करता है।

बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय (1838-1894) बंगाली साहित्य के महान् कवि, उपन्यासकार और विचारक थे। उनकी रचनाएँ जैसे ‘दुर्गेश्नन्दिनी’, ‘कपालकुण्डला’ और ‘आनन्दमठ’ ने भारतीय साहित्य को नई ऊँचाइयों प्रदान कीं। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके गीत ने लाखों देशभक्तों को एकजुट किया।

उनकी अमर रचनाधर्मिता और राष्ट्रचेतना को नमन। बंकिम चन्द्र का जीवन हमें सिखाता है कि साहित्य केवल शब्द नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का शक्तिशाली माध्यम है।

By Janswar

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