🌧️ अतिवृष्टि से महरगांव में बड़ा हादसा, मलबे में दबे तीन लोगों की मौत WWW.JANSWAR.COM

डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने 3 किमी पैदल पहुंचकर संभाली राहत-बचाव की कमान, मृतकों के परिजनों को 14 लाख की तत्काल राहत।

पौड़ी, 18 अगस्त 2026।
बीती रात हुई अतिवृष्टि ने तहसील सतपुली के महरगांव में भारी तबाही मचा दी। भूस्खलन की चपेट में आए दो मंजिला भवन में दबे तीन लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए गए।

🚨 3 किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंचीं जिलाधिकारी

दुर्गम रास्ते और खराब मौसम के बीच जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर महरगांव पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाली और रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की। डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

💰 मृतकों के परिजनों को 14 लाख रुपये की राहत

जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त भवन के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। इस तरह कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। तीनों शव बरामद होने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।

🤝 परिजनों से मिलीं डीएम, हरसंभव मदद का भरोसा

घटनास्थल पर जिलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार की स्थिति की जानकारी लेते हुए आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के अलावा परिवार को किसी अन्य प्रकार की आवश्यकता होने पर भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

⚡ बिजली-पानी की बहाली के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रशासन ने राहत-बचाव के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली को भी प्राथमिकता दी है। विद्युत और पेयजल विभाग की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। डीएम ने अधिकारियों को बाधित विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा प्रभावित परिवारों के मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से कराई गई है। बाधित मार्गों को मशीनरी के माध्यम से खोलने तथा प्रभावित विद्युत फीडरों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

🛟 राहत-बचाव अभियान पर प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन द्वारा अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मौके पर एडीएम एफआर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, तहसीलदार लैंसडाउन विद्यादत्त सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग एवं पशुपालन विभाग सहित संबंधित अधिकारी और राहत-बचाव दल मौजूद रहे।

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