टिहरी गढ़वाल:- उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक 50वें सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का नौ दिवसीय आयोजन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले के विधिवत समापन की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने करीब 4.76 करोड़ रुपये की लागत के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की सौगात भी दी।
मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल धन के बल पर सफल नहीं होता, बल्कि सभी के आपसी तालमेल, समर्पण और सहयोग से उसे सफल बनाया जाता है। समाज के हर वर्ग का निःस्वार्थ योगदान ही किसी मेले को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करता है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया।
प्रीतम भरत्वाण के जागरों से भक्तिमय हुआ माहौल:- मेले की सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप के बीच उन्होंने मां नंदा के पौराणिक जागरों और लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों से पूरा रामलीला मैदान भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल में सराबोर नजर आया।
‘लोकल नाइट’ में स्थानीय बच्चों ने दिखाई प्रतिभा:- प्रीतम भरत्वाण की प्रस्तुति के बाद आयोजित विशेष ‘लोकल नाइट’ में स्थानीय स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं, अपनी सुरीली आवाज में लोकगीत गाकर और विभिन्न वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
बच्चों की नृत्य, गायन और वादन की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। मुख्य अतिथि और मेला समिति की ओर से प्रतिभावान बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाली इस सांस्कृतिक संध्या ने मेले के समापन को यादगार बना दिया।
खेल प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित:- नौ दिवसीय मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। खेल समिति की देखरेख में कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित विभिन्न स्पर्धाएं खेल भावना के साथ संपन्न हुईं। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मेले के सफल संचालन में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार और समिति के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न संचालन समितियों के बीच समन्वय और पुलिस व स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं के चलते आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
4.76 करोड़ के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण:- मेले के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से कुल 476.15 लाख रुपये (करीब 4.76 करोड़ रुपये) की लागत वाले पांच विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, दीप प्रज्वलित किया और मां कुंजापुरी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विकास कार्यों के लोकार्पण को क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नौ दिनों तक चले 50वें राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले ने धार्मिक आस्था, खेल प्रतिभाओं और उत्तराखंड की लोक संस्कृति को एक मंच पर लाकर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी। जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण की भक्तिमय प्रस्तुतियों से लेकर स्थानीय बच्चों की शानदार ‘लोकल नाइट’ तक, मेले का समापन यादगार बन गया।
