ऋषिकेश:- अपनी धरोहर न्यास की ओर से मुनिकीरेती के स्वामीनारायण आश्रम में आयोजित दो दिवसीय धरोहर संवाद कार्यक्रम का समापन ढोल विधाओं की प्रस्तुति के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक ढोल विधाओं की प्रस्तुति रही। टिहरी से आये ढोलवादक डॉ. सोहनलाल ने मंत्रों के साथ ढोल की ताल के नियम लोगों को समझाए। डॉ. सोहनलाल ने बताया कि ढोल के वादन में 750 से अधिक तरह की तालों से वार्तालाप किया जा सकता है, जिसका उन्होंने प्रदर्शन भी किया। बागेश्वर से पहुंचे ढोलवादक मोहन दास ने अपने विजयसार की लकड़ी के ढोल के साथ कई प्राचीन कलाओं व जागरों की प्रस्तुति दी। टिहरी के बूढ़ाकेदार से बचन दास और अल्मोड़ा से अपने हुड़के के साथ पहुंचे सुंदर दास ने भी मंच पर कई अनोखी विधाओं व लुप्त हो रही लोक रचनाओं पर अपनी प्रस्तुति दी। माणा गांव के कुंदन सिंह कपोला ने महिलाओं की टीम के साथ कार्यक्रम में शिरकत की।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, संस्कृतिकर्मी प्रोफेसर डीआर पुरोहित, साहित्यकार गणेश खुगशाल ‘गणी’ और महंत रामकृष्ण महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दिनेश सेमवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम निश्चित रूप से उत्तराखंड की संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। उत्तराखंड के ढोल और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने व उसके प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में ‘अपनी धरोहर’ संस्था का यह प्रयास प्रशंसनीय है।
संस्कृतिकर्मी प्रो. डीआर पुरोहित ने कहा कि ढोली को सम्मान और पैसा देना होगा, तभी यह परंपरा बचेगी। इसलिए हमें अब ढोल को आजीविका के साथ जोड़ने की जरूरत है ताकि इसकी लुप्त हो रही कलाओं व रहस्यों को हम आगे भी कायम रख सकें। हमें हर कस्बे में एक दिन ढोल के कार्यक्रम रखने चाहिए ताकि युवा पीढ़ी भी इससे जुड़े।
अपनी धरोहर संस्था के अध्यक्ष विजय भट्ट ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल वाद्य प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि ढोल-दमाऊ के पीछे मौजूद पारंपरिक ज्ञान, कौशल, वादन की विविधता और उसके सांस्कृतिक महत्व को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। साहित्यकार एवं गढ़वाल विवि के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने ढोल के इतिहास, परंपराओं व लोक में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन नीलम ध्यानी जुयाल ने किया। इस दौरान अपनी धरोहर संस्था के अध्यक्ष विजय भट्ट, महामंत्री दिनेश बम, डॉ. श्याम सिंह कार्की, नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश भट्ट, वीरेंद्र बिष्ट, कमल जीना, टीएचडीसी के मुख्य तकनीकी अधिकारी एलपी जोशी, सुनीता पंवार, मधु असवाल, योगाचार्य डॉ. नवदीप जोशी, संजय शास्त्री, पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, सुरेंद्र रावत सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
