उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले: सहकारिता नीति से लेकर बिजली खरीद, उपनल कर्मियों और शहीद सैनिकों की मूर्तियों तक कई अहम निर्णय।
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में सहकारिता, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास, सैनिक कल्याण सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। अपर सचिव मुख्यमंत्री श्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट निर्णयों की मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट में राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप राज्य में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए उत्तराखण्ड राज्य सहकारी नीति-2026 प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 के अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स में उल्लिखित वेतनमान ₹1,44,200-2,18,200 के लिए वेतन लेवल-15 के स्थान पर वेतन लेवल-14 तथा ₹1,82,200-2,24,100 के लिए वेतन लेवल-16 के स्थान पर वेतन लेवल-15 संशोधित किए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया। विभागीय पदीय संरचनाओं एवं सेवा नियमावलियों में जहां-जहां वेतन लेवल-15 और 16 अंकित है, वहां क्रमशः वेतन लेवल-14 और 15 समझा/पढ़ा जाएगा।
वाहनों पर ग्रीन सेस की छूट समाप्त करने का निर्णय
बैठक में उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम-2003 की धारा-4 की उपधारा (5) के तहत मोटर वाहनों पर ग्रीन सेस के संबंध में जारी अधिसूचना में दी गई छूट समाप्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि वर्तमान में अधिकांश हाईब्रिड और सीएनजी वाहन बाजार में प्रचलन में हैं। सीएनजी वाहनों को मोटरयान कर से छूट दिए जाने से राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में इन वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट में उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य सांख्यिकीय संवर्ग में भर्ती एवं नियुक्त कार्मिकों की सेवा शर्तों को विनियमित करना है।
आम जनता को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विभागीय स्तर पर विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए औषधियों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण एवं इंप्लांट्स की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की।
इसके अलावा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर मात्र ₹1 में दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कारागार विभाग और लोकायुक्त से जुड़े फैसले
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की संरचना में अधीनस्थ कारागारों के लिए उप कारापाल के 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक से पदोन्नति कोटा निर्धारित करने के प्रस्ताव पर उत्तराखण्ड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ (अराजपत्रित) सेवा संशोधन नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
वहीं, उत्तराखण्ड लोकायुक्त अधिनियम-2014 एवं संशोधन अधिनियम के तहत लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष एवं सदस्यों के पदों के लिए उपयुक्त नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति को उपलब्ध कराने के संबंध में उत्तराखण्ड लोकायुक्त खोजबीन समिति (सर्च कमेटी) के कार्यकलापों का निर्धारण नियमावली-2026 तैयार किए जाने का निर्णय लिया गया।
आबादी क्षेत्रों के भूमि सर्वेक्षण को मंजूरी
प्रदेश के राजस्व अभिलेखों में दर्ज आबादी क्षेत्रों में भूमि का आधुनिक विधि से सर्वेक्षण करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया गया।
उत्तराखण्ड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कार्मिकों को अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने के संबंध में भी कैबिनेट ने निर्णय लिया।
काठबंगला में 116 आवास आवंटित होंगे
नगर निगम देहरादून के काठबंगला में 116 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। काठबंगला के निकट रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती में निवासरत परिवारों में से नगर निगम देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को इन आवासों का आवंटन किए जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की।
राज्य के विभिन्न नगर निकायों में सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए यूयूएसडीए के संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 94 अस्थायी (निःसंवर्गीय) पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
उपनल कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ
कैबिनेट ने उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में दिए जाने पर सहमति जताई।
पहले चरण में 01 जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित कार्मिकों के संबंध में वर्तमान में कार्यवाही की जा रही है। दूसरे चरण में 01 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियोजित कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन के लिए विचार किया जाएगा। इस पर कार्यवाही 09 नवंबर 2026 से होगी।
तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियोजित उपनल कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन देने की कार्यवाही 01 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही कृत्रिम ब्रेक के कारण उत्पन्न सेवा व्यवधान को देखते हुए 01 जनवरी 2016 से पूर्व कार्य कर रहे और वर्तमान में भी कार्यरत उपनल कार्मिकों को शासनादेश दिनांक 03 फरवरी 2026 (यथासंशोधित) के तहत न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।
यदि किसी विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में अतिरिक्त उपनल कार्मिक कार्यरत हैं, तो नियुक्ति तिथि की वरीयता के आधार पर कार्मिकों को पहले स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियोजित माना जाएगा। समायोजन अथवा अधिसंख्य पद सृजन पर त्वरित निर्णय के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित की जाएगी।
उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत पूर्व उपनल कार्मिकों को भी वेतनमान का न्यूनतम एवं परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में राज्य सरकार के स्तर पर सेवामुक्त अग्निवीरों से संबंधित विषयों के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किए जाने को मंजूरी दी गई। प्रकोष्ठ के प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की आपूर्ति के लिए उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट (1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता) कोयला आधारित बिजली खरीदने को स्वीकृति प्रदान की।
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड के साथ बिजली आपूर्ति समझौते एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने, आवश्यक शर्तें पूरी करने और नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शहीद सैनिकों की पैतृक गांवों में स्थापित होंगी मूर्तियां
कैबिनेट बैठक में उत्तराखण्ड के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित किए जाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
