• होटलों-गेस्ट हाउसों में रजिस्टर अनिवार्य, पुलिस व हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश।
  • आरोपी के विरुद्ध हो कड़ी कार्रवाई, मामले की हो गंभीर जांच : कुसुम कण्डवाल।

देहरादून:- बीते बुधवार को देहरादून के शिमला बाईपास निकट एक गेस्ट हाउस में रात तीन बजे एक नाबालिग लड़की के साथ धर्म विशेष के युवक के संदिग्ध अवस्था मे पकड़े जाने और उसके मोबाइल से बड़ी संख्या में लड़कियों की आपत्तिजनक चैट व वीडियो मिलने के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और नाबालिग की सुरक्षा, काउंसलिंग तथा परिजनों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसपी सिटी को आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई करने, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने तथा गेस्ट हाउस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच करने को कहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए गेस्ट हाउसों में पहचान पत्र जांच और रजिस्टर में प्रविष्टि की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए।

महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है कि हमारी भोली भाली बच्चियों को धर्म विशेष के लोगो द्वारा अपने जाल में फंसा कर उनके साथ गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया जाना बहुत ही निंदनीय है। ऐसे में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आयोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

आयोग अध्यक्ष ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि आयोग की ओर से राज्य के समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा कि किसी भी होटल, गेस्ट हाउस, रात्रि विश्राम गृह अथवा ठहरने की सभी जगहों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की पंजिका (रजिस्टर) का होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, साथ ही उनकी नियमित जांच की जाए।

By Janswar

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