• टिहरी में वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशासन सख्त, अनियंत्रित आग पर होगी कार्रवाई।
  • वन विभाग को पेरूल कलेक्शन योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के आदेश।
  • टिहरी के पाँच संवेदनशील वन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश।

टिहरी:- आज जनपद टिहरी गढ़वाल स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के वीसी कक्ष में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने डीपीआरओ एम.एम. खान को निर्देशित किया कि सभी ग्राम प्रधानों को नियंत्रित रूप से आग लगाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियंत्रित आग लगाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी को “Forest Fire Uttarakhand” ऐप डाउनलोड करवाने के आदेश दिए तथा ‘जन-जन की सरकार’ शिविरों के माध्यम से वन विभाग को पेरूल कलेक्शन योजना की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर द्वारा टिहरी वन प्रभाग, नरेंद्रनगर वन प्रभाग एवं मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत रेंजवार वन विवरण, प्रजातिवार जानकारी तथा वन दुर्घटनाओं के कारणों से अवगत कराया गया। साथ ही डाइज़र में स्थापित कंट्रोल रूम, क्रू स्टेशन, यांत्रिक संसाधनों, वनाग्नि प्रबंधन के अग्रिम उपायों तथा आग नियंत्रण में आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने जनपद टिहरी में चिन्हित पाँच संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी भी साझा की।

बैठक में लैंड बैंक की स्थिति तथा फॉरेस्ट लैंड ट्रांसफर से संबंधित प्रकरणों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, डीएफओ नरेंद्रनगर दिगंत नायक, डीएफओ टिहरी डैम संदीपा, एसडीएम घनसाली अलकेश, एसडीएम टिहरी स्नेहिल, वन विभाग संदीप सिंह चौहान, जन्मजय रमोला आदि संबंधित भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

By Janswar

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