इस अवसर पर डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवभूमि उत्तराखंड के लोगों ने अपने परिश्रम, त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा के माध्यम से देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ऐसे में प्रदेशवासियों के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है। प्रदेश के वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। वहीं, प्रदेश के मेहनतकश नागरिकों ने अपनी प्रतिभा, ईमानदारी और परिश्रम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और नागरिकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपने शब्दों और बयानों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उत्तराखंड की जनता अपने सम्मान और स्वाभिमान के प्रति सजग है। प्रदेशवासियों का अपमान करने वाली बयानबाजी का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाता रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के कथित बयान के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया और उत्तराखंड की जनता के सम्मान एवं स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
