राष्ट्रीय समुद्री दिवस: समुद्री व्यापार और सुरक्षा के योद्धाओं को सलाम, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले वीर जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं।

(अरुणाभ रतूड़ी):- भारत के विशाल समुद्री तटों पर व्यापार और सुरक्षा की रक्षा करने वाले बहादुर जवानों को राष्ट्रीय समुद्री दिवस की हार्दिक बधाई। समुद्री व्यापार और सुरक्षा के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाले इन वीर सपूतों का योगदान अमूल्य है। हर वर्ष 5 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस दिवस पर पूरे देश में समुद्री क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया जाता है।

राष्ट्रीय समुद्री दिवस की शुरुआत 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा की गई थी, जब उन्होंने कोलकाता में पहला समुद्री सम्मेलन आयोजित किया। आज भारत दुनिया का 17वां सबसे बड़ा समुद्री व्यापारिक देश है, जहां 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है। भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और मर्चेंट नेवी के जवान न केवल दुश्मन जहाजों से देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि तस्करी, समुद्री डकैती और प्राकृतिक आपदाओं से भी निपटते हैं।

पिछले वर्षों में इनके प्रयासों से भारत का समुद्री निर्यात 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। सागरमाला परियोजना के तहत बंदरगाहों का आधुनिकीकरण हो रहा है, जो अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “समुद्री व्यापार हमारी आर्थिक शक्ति का आधार है।”

इस अवसर पर जनस्वर हिंदी न्यूज़ पोर्टल सभी समुद्री योद्धाओं को नमन करता है। आइए, हम सभी मिलकर ‘सागर सुरक्षा’ को मजबूत बनाएं और ‘अमृत काल’ में भारत को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाएं।

By Janswar

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