38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी, कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई।

कैबिनेट के इस फैसले पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत खुशी की बात है कि सरकार ने खिलाड़ियों के हित में पूर्व में लिए गए निर्णय को आज मूर्त रूप दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला उन खिलाड़ियों और उनके भविष्य के लिए संजीवनी का कार्य करेगा, जो किसी कारणवश अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे।

खेल मंत्री ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इन खिलाड़ियों की विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण, शिक्षा, पुलिस और परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों में पद सृजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को उनके द्वारा प्राप्त पदक और संबंधित पद के अनुरूप ग्रेड-पे निर्धारित किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा।

रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने की दिशा में सरकार का यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि ओलंपिक-2036 की मेजबानी के संकल्प के साथ राज्य लगातार खेलों के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास और 38वें राष्ट्रीय खेलों के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने का ऐतिहासिक फैसला होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

जल्द जारी होगी विज्ञप्ति

खेल मंत्री ने कहा कि कैबिनेट से आउट ऑफ टर्न जॉब के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब खेल विभाग की ओर से जल्द ही 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इसके बाद खिलाड़ी अपनी इच्छानुसार संबंधित विभाग में आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि जो खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अलावा अन्य विभागों में अपनी सेवाएं देंगे, वे पांच वर्ष तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग से भी जुड़े रहेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धि के अनुरूप अलग-अलग श्रेणी के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें खेलों के साथ बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

अगर चाहें तो इसे और ज्यादा अखबार/पोर्टल शैली में छोटा और दमदार भी किया जा सकता है।

By Janswar

You missed

error: Content is protected !!