लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी के साथ त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की सघन जांच के निर्देश।
टिहरी:- जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में राजस्व संग्रहण एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति, लंबित राजस्व वसूली, राजस्व वादों के निस्तारण तथा खाद्यान्न व्यवस्था एवं वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि होनी चाहिए। वाहन चेकिंग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 तक कुल 3,857 चालान किए गए तथा 190 वाहन बंद किए गए। इसके माध्यम से 66.16 लाख रुपये प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 65.46 लाख रुपये की तुलना में 1.07 प्रतिशत अधिक है।
वसूली की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई माह तक 158 मांग पत्र जारी किए गए, जिनकी कुल धनराशि 11.66 लाख रुपये है। इनमें से 57 वसूली पत्र जारी किए गए, जिनके सापेक्ष 17.06 लाख रुपये की शेष धनराशि दर्शाई गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 तक विभाग की कुल राजस्व प्राप्तियां 57.14 करोड़ रुपये रही हैं, जबकि जुलाई 2025 तक यह 54.97 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में 3.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 135 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
अभियोजन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 तक अभियोजन न्यायालय में विभिन्न अधिनियमों के कुल 96 वाद लंबित हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के 63, आयुध अधिनियम के 12, आईटी अधिनियम के 06, एनडीपीएस अधिनियम के 12, विदेशी अधिनियम के 02 तथा कॉपीराइट अधिनियम का 01 वाद शामिल है।
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने धारा 34, धारा 33/39, धारा 176, धारा 143, धारा 229(बी) एवं धारा 209 के अंतर्गत लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने विवादित मामलों की सूची तैयार कर उनका तत्काल निस्तारण करने तथा रजिस्ट्री से संबंधित लंबित मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही फौजदारी मामलों के निस्तारण में तेजी लाते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने को कहा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद में अधिक से अधिक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाए जाएं। उन्होंने की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
खाद्य आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अक्टूबर माह तक के राशन का उठान प्रारंभ हो चुका है तथा जनपद में एलपीजी की भी पर्याप्त उपलब्धता है। जिलाधिकारी ने राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सत्यापन की प्रक्रिया एवं उसकी प्रगति की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता, उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, उपजिलाधिकारी प्रतापनगर घनसाली मंजू राजपूत, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील बडोनी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) राजेंद्र विराटिया, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत, तहसीलदार टिहरी धीरज राणा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
