राज्यपाल ने लोक भवन परिसर में लगी पुस्तक प्रदर्शनी का किया अवलोकन।

लोक भवन देहरादून:- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को लोक भवन में अपनी पुस्तक ‘एब्सल्यूट इंटेलीजेंस’ तथा उसके हिन्दी रूपांतरण ‘प्रज्ञा’ का विमोचन किया। इन पुस्तकों का सहलेखन प्रो. अरुण तिवारी ने किया है, जबकि ‘प्रज्ञा’ का हिन्दी रूपांतरण श्री पारितोष बंगवाल द्वारा किया गया है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण एवं वर्चुअल माध्यम से प्रो. अरुण तिवारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं और मानव जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित कर रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि तकनीक कभी भी मानवता का विकल्प नहीं बन सकती। उसका उद्देश्य मनुष्य पर शासन करना नहीं, बल्कि उसके जीवन को अधिक सुरक्षित, सरल, समृद्ध और कल्याणकारी बनाना है। जब विज्ञान आध्यात्मिकता से, नवाचार नैतिकता से और बुद्धिमत्ता प्रज्ञा से जुड़ेगी, तभी मानव सभ्यता का संतुलित एवं सतत विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि यही इन दोनों पुस्तकों का मूल संदेश है।

उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों को लिखने का उद्देश्य कोई नया सिद्धांत प्रस्तुत करना नहीं था, बल्कि जीवन के उन अनुभवों को साझा करना था, जिन्होंने उन्हें यह सिखाया कि प्रत्येक चुनौती अपने भीतर समाधान का बीज लेकर आती है। आवश्यकता केवल ऐसी दृष्टि विकसित करने की है, जो समस्या नहीं, बल्कि समाधान पर विश्वास करे।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एब्सल्यूट इंटेलीजेंस’ और ‘प्रज्ञा’ पाठकों को विज्ञान, आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के समन्वय पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करेंगी तथा उन्हें जीवन में सकारात्मक एवं सार्थक दिशा प्रदान करेंगी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ लोक भवन परिसर में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। लोक भवन परिसर में माननीय राज्यपाल के दिशा-निर्देशन में एवं लोक भवन सूचना प्रकोष्ठ, विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा प्रकाशित 108 पुस्तकों एवं प्रकाशनों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। ये सभी प्रकाशन माननीय राज्यपाल के वर्तमान कार्यकाल के दौरान प्रकाशित हुए हैं।

राज्यपाल ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न पुस्तकों एवं प्रकाशनों का अवलोकन करते हुए उनके विषय-वस्तु, उद्देश्य एवं उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ज्ञान के प्रसार, शोध, नवाचार तथा समाजोपयोगी साहित्य के सृजन में इन प्रकाशनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ज्ञान-संस्कृति को समृद्ध करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, विधि परामर्शी श्री कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

By Janswar

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