विश्व तंबाकू निषेध दिवस: स्वस्थ जीवन की ओर एक संकल्प।

तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें:- हर वर्ष 31 मई को विश्वभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकू सेवन को रोकने के लिए प्रेरित करना है। तंबाकू केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करता है।

तंबाकू: एक धीमा जहर:- तंबाकू में निकोटिन सहित अनेक हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जो शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान और तंबाकू सेवन से फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, श्वसन संबंधी बीमारियां तथा मुंह और गले का कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा:- आज तंबाकू उत्पादों की बढ़ती उपलब्धता और आकर्षक प्रचार-प्रसार युवाओं को इसकी ओर आकर्षित कर रहे हैं। एक बार इसकी लत लग जाने पर इससे छुटकारा पाना बेहद कठिन हो जाता है। इसलिए युवाओं को जागरूक करना और उन्हें तंबाकू से दूर रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

स्वस्थ समाज के लिए जन-जागरूकता जरूरी:- तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठन और स्वास्थ्य संस्थानों को मिलकर कार्य करना होगा। जन-जागरूकता अभियान, परामर्श और सकारात्मक वातावरण तंबाकू छोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संकल्प लें, स्वस्थ भविष्य चुनें:- विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। स्वस्थ जीवन, स्वच्छ वातावरण और बेहतर भविष्य के लिए तंबाकू से दूरी ही सबसे बड़ा उपाय है।

“तंबाकू और धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आइए, इस अवसर पर हम सभी किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन न करने का संकल्प लें और एक स्वस्थ, खुशहाल एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।”

तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें,स्वस्थ भविष्य के लिए आज ही लें संकल्प!

By Janswar

You missed

error: Content is protected !!