Arunabh raturi.

पुष्पवाटिका में सीता को देख मोहित हुए श्रीराम।

1955 से बनखंडी में स्थापित श्री रामलीला के तीसरे दिन हुआ जनकपुरी बाजार, पुष्पवाटिका का मंचन।

ऋषिकेश:- वर्ष 1955 से स्थापित श्रीरामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में लीला के तीसरे दिन जनकपुरी बाज़ार का भव्य, मनमोहक दृश्य दिखाया गया। वहीं पुष्पवाटिका में माँ सीता को देख श्रीराम मोहित हुए। उधर, माँ सीता ने भी श्रीराम को अपने पति के रूप मांगने का वर माँ गौरी से मांगा।

बनखंडी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के अध्यक्ष विनोद पाल ने बताया कि वनों से आवागमन करने के बाद मुनि विश्वामित्र के साथ श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी पहुंचे। रामलीला में जनकपुरी के बाजार का सुंदर मनमोहक दृश्य दिखाया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के दुकानों के स्टॉल दिखाई गई।

अध्यक्ष विनोद पाल ने बताया कि लीला के दूसरे दृश्य में दिखाया गया कि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण के साथ पुष्पवाटिका पहुंचे। यहां माता सीता भी अपनी सखियों के साथ पहुंचती है। इस दौरान दोनों एक दूसरे को देखते हैं और मोहित हो जाते हैं इस बात का जिक्र श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण से करते हैं जबकि माता सीता गौरी माता का पूजन कर श्री राम को अपने पति के रूप में वरदान के रूप में मांगते हैं।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, पार्षद राजेश दिवाकर, सुरेंद्र कुमार, राकेश पारछा, रमेश कोठियाल, दीपक जोशी, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, महेंद्र कुमार, बाली पाल, अनिल धीमान, ललित शर्मा, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, मयंक शर्मा, विनायक कुमार आदि उपस्थित रहे।

By Janswar

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