भूस्खलन, मार्ग की संवेदनशील स्थिति एवं गौण्डार ट्रॉली के मरम्मत कार्य को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जारी किए आदेश।
जनपद रुद्रप्रयाग:- जनपद रुद्रप्रयाग में लगातार प्रतिकूल मौसम, भूस्खलन की घटनाओं तथा यात्रा मार्ग पर उत्पन्न सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशाल मिश्रा ने जनसुरक्षा एवं व्यापक जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री मद्यमहेश्वर धाम की यात्रा को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक अस्थायी रूप से स्थगित करने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, ऊखीमठ द्वारा प्रेषित आख्या में यात्रा मार्ग की वर्तमान स्थिति को अत्यंत संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मस्ता-मद्यमहेश्वर पैदल मार्ग तलसारी तोक से गौण्डार, बनतोली एवं खुन्नू होते हुए मद्यमहेश्वर धाम तक लगभग 14.50 किलोमीटर लंबा है। मार्ग के प्रारंभिक भाग में लगभग 5 किलोमीटर क्षेत्र में कटिंग कार्य चल रहा है, जिसमें लगभग 3.5 किलोमीटर तक कटिंग का कार्य किया जा चुका है। वर्तमान में यात्रा संचालन को देखते हुए यह कार्य रोक दिया गया है, किन्तु तलसारी तोक से बनतोली तक कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनेक श्रद्धालु एवं यात्री सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी करते हुए भूस्खलन वाले क्षेत्रों से जबरन गुजर रहे हैं तथा जोखिमपूर्ण स्थानों पर फोटोग्राफी एवं सेल्फी लेने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त बनतोली में मोरखण्डा नदी पर स्थापित लकड़ी का अस्थायी पुल 24 जुलाई, 2026 को नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बह गया था। इसके बाद से यात्रियों की आवाजाही मैनुअल ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है। ट्रॉली की क्षमता एक बार में केवल दो व्यक्तियों की है। वर्तमान में सावन, कांवड़ यात्रा एवं अवकाश के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रॉली स्थल पर अत्यधिक भीड़, अव्यवस्था एवं आपाधापी की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई बार यात्रियों द्वारा ट्रॉली संचालकों एवं श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने तथा सेल्फी लेने की होड़ के कारण सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं।
लोक निर्माण विभाग, ऊखीमठ द्वारा भी अवगत कराया गया है कि गौण्डार स्थित ट्रॉली के सुरक्षित संचालन के लिए उसके रिपेयर एवं मेंटेनेंस कार्य की तत्काल आवश्यकता है, जिसके लिए न्यूनतम दो से तीन दिन का समय अपेक्षित है।
इन सभी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए श्री मद्यमहेश्वर धाम यात्रा को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना अथवा जनहानि से बचा जा सके।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग, चेतावनी एवं सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा यात्रियों को समय रहते यात्रा स्थगन की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, राजस्व, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा स्थगन संबंधी आदेशों का पूर्ण पालन करें तथा मौसम एवं यात्रा की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
