देहरादून:- उत्तराखंड में सरकारी जमीनों को नीलामी एवं लीज के माध्यम से निजी और व्यावसायिक उपयोग के लिए दिए जाने के विरोध में विभिन्न सामाजिक एवं जन संगठनों ने आवाज उठाई।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर UIIDB को तत्काल भंग करने तथा सरकारी विभागों की जमीनों की बिक्री, नीलामी और दीर्घकालीन लीज पर रोक लगाने की मांग की।
वक्ताओं ने करीब 7000 बीघा सरकारी जमीन से जुड़े प्रस्तावों पर सवाल उठाते हुए आवंटन, नीलामी, बिक्री एवं लीज की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन जनता की सामूहिक संपत्ति है और इसका उपयोग व्यापक जनहित में होना चाहिए। साथ ही स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, महिला समूहों, सहकारिता संस्थाओं और छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी:- सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार निर्धारित समय सीमा में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो देहरादून से बाहर आंदोलन को विस्तार देते हुए प्रदेशव्यापी व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
