यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने आ रहे बड़े नेताओं के स्वागत और उन्हें गुलदस्ता भेंट किए जाने के बीच यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम उडडा हीराखाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सुदेश जोशी ने प्रदेश से जुड़े कई गंभीर जनहित के सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं के स्वागत के साथ-साथ उन्हें प्रदेश की जमीनी समस्याओं और आम जनता के सवालों का जवाब भी देना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता सुदेश जोशी ने नेताओं से निम्न सवालों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की—
1. उत्तराखंड में अब तक कितने सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और इसका वास्तविक आंकड़ा क्या है?
2. जंगली जानवरों के आतंक से प्रदेश में प्रतिवर्ष कितने लोगों की मौत या घायल होने की घटनाएं हो रही हैं? सरकार इसके स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा रही है?
3. उत्तराखंड से लापता बच्चों, बेटियों और महिलाओं के कितने मामले सामने आए हैं? इन मामलों में अब तक कितने लोगों की बरामदगी हुई और कितने मामले लंबित हैं?
4. पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार न मिलने की घटनाओं पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
5. गौवंश की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता है तो प्रदेश में गौवंश की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है और सरकार ने इसके लिए क्या ठोस व्यवस्था की है?
6. सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई जगह सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही खराब होने लगती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की जांच की मांग की।
7. उन्होंने सरकारी विभागों में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बाहर के राज्यों से कर्मचारियों की तैनाती क्यों की जा रही है, जबकि प्रदेश के शिक्षित और योग्य युवाओं को रोजगार की आवश्यकता है।
8. भूमि और खनन से जुड़े मामलों पर सवाल उठाते हुए सुदेश जोशी ने मांग की कि उत्तराखंड में बाहरी लोगों को भूमि दिए जाने तथा बड़े भू-भाग में खनन की अनुमति से जुड़े मामलों की जांच और सत्यापन सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने पूछा कि संबंधित व्यक्तियों का पंचायत, तहसील और पुलिस स्तर पर सत्यापन किस आधार पर किया गया है और इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है।
सुदेश जोशी ने कहा कि ये सवाल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य, स्थानीय युवाओं, महिलाओं और आम जनता के हित से जुड़े सवाल हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी लोग जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं और अपने प्रदेश तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाएं।
सुदेश जोशी ग्राम उडडा हीराखाल,सामाजिक कार्यकर्ता,यमकेश्वर ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल।
