राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह बोले- ‘संस्कृत सिर्फ भाषा नहीं, भारत की ज्ञान परंपरा की आधारशिला।
लोक भवन देहरादून:- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से सोमवार को लोक भवन में महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन मध्यप्रदेश के कुलपति प्रो. शिव शंकर मिश्रा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सभ्यता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी अमूल्य धरोहर तथा ज्ञान का भंडार है, जिसे वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे समय में संस्कृत के अध्ययन, शोध एवं प्रसार को तकनीक से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि इसकी वैज्ञानिकता और समृद्ध ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।
उन्होंने महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय तथा उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आपसी समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रयासों से संस्कृत शिक्षा, वैदिक अध्ययन, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं
