आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सेमिनार में स्कूल पूर्व शिक्षा एवं बाल विकास गतिविधियों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श।
टिहरी:- महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बाल विकास परियोजना चंबा में आज अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार का मुख्य विषय “आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल पूर्व शिक्षा के अंतर्गत बच्चों के साथ की जाने वाली गतिविधियां” रहा।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को किस प्रकार खेल-खेल में पढ़ने-लिखने एवं सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान कविताओं के माध्यम से बच्चों में भाषा विकास, बच्चों से संवाद एवं बातचीत, खेल के माध्यम से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा विभिन्न गतिविधियों द्वारा सीखने की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अपने अनुभव एवं गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि किस प्रकार सहज एवं आनंददायक वातावरण में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के उद्देश्यों एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी ममता लेखक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मनोबल बढ़ता है तथा उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण एवं संवादात्मक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक बिष्ट रश्मि द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को विभाग की नींव बताते हुए उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई। साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली एवं हिंसा से पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से मंजू रावत एवं मुनाजिर हुसैन, मिशन शक्ति से रमेश, नवीन एवं कीर्ति कुमारी सहित सुपरवाइजर एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए बच्चों को स्कूल से पूर्व शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए।
