शिक्षक दिवस पर 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को किया सम्मानित।
ऋषिकेश:- शिक्षक दिवस के मौके पर देहरादून रोड स्थित वेडिंग प्वाईंट में मुनिकीरेती-ढालवाला के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं को फूल माला, अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
शनिवार को देहरादून रोड स्थित वेडिंग प्वाईंट में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्र हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सिंह कृषाली, पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता गुरू प्रसाद बिजल्वाण ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर दीप जलाकर किया।
वरिष्ठ समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण ने मौके पर उपस्थित सभी शिक्षकों को उनके कार्यों के लिए नमन किया और कहा कि देश का भविष्य शिक्षकों के योगदान, मार्गदर्शन और समर्पण पर टिका है। शिक्षक हमें सदैव ज्ञान देने के साथ अनुशासन, मेहनत, जिम्मेदारी और अच्छे मूल्यों की सीख देते हैं, साथ ही विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि 05 सितंबर का दिन शिक्षकों के योगदान, मार्गदर्शन और समर्पण के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम आयोजनकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
इसके बाद 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को फूल मालाएं, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान कई शिक्षकों ने अपने शिक्षक जीवन के अनुभव को भी मंच से साझा किया।
मौके पर राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश सचिव चंद्रप्रकाश, प्रेमचंद, दिनेश व्यास, विनोद बिजल्वाण, रमेश पैन्यूली, जबर सिंह पंवार, भगवती उनियाल, हृदयराम सेमवाल, मुरलीधर ग्वाड़ी, पीएल भट्ट, राजेंद्र प्रसाद नौटियाल, विरेंद्र सिंह असवाल, दिवाकर प्रसाद पांडे, प्रेमबहादुर थापा, सुरतानंद पैन्यूली, धन सिंह रांगड़, उत्तम सिंह असवाल, जनार्दन प्रसाद सेमवाल, सुरेंद्र सिंह भंडारी, भगवती प्रसाद रतूड़ी, मनीष डिमरी, राम सिंह सजवाण, कैलाश चंद्र पैन्यूली, सत्येन्द्र सिंह रावत, भोला सिंह बिष्ट, खुशहाल सिंह राणा, एसएस रतूड़ी, महेश प्रसाद व्यास, कुशला प्रसाद भट्ट, अनूप कुमार जोशी, पदम सिंह बिष्ट, शंकर दत्त पैन्यूली, विजयपाल सिंह रांगड़, भगवान सिंह रांगड़, सुनील दत्त थपलियाल, वास्वानंद परिंदियाल, नरेंद्र गुंसाई, पुष्कर सिंह असवाल, जितेंद्र भारती, शांति प्रसाद मैठाणी, गोरा सिंह पोखरियाल, शूरवीर सिंह असवाल, पूर्णानंद बहुगुणा, दिगंबर प्रसाद, विशालमणी पैन्यूली, गोपाल दत्त खंडूड़ी, अंबिका प्रसाद पैन्यूली, मोतीलाल भट्ट, रमेश चंद्र बहुगुणा, सुशीला बडथ्वाल, दिनेश प्रसाद उनियाल, देवेंद्र दत्त जोशी, धर्मपाल सिंह चौहान, राममोहन नौटियाल, जयपाल सिंह नेगी, मोहन रणाकोटी, जगदंबा, अनंत राम रतूड़ी, अशोक क्रेजी, आरती पाल, निशा फर्सवाण, शर्मिला सुंदरियाल, अरविंद सिंह तोमर, सचेंद्र सिंह चौहान, कीर्ति सिंह नेगी, रामस्वरूप नौटियाल, रजनी भारद्वाज, विजयलक्ष्मी असवाल, मीना बिष्ट, मेघा उनियाल, उमा ड्यूडी, सरोजबाला सेमवाल, सुशीला बड़थ्वाल, प्रतिभा भंडारी, प्रेमा रतूड़ी, यशोदा बड़ोला, निर्मला त्रिपाठी, पीडी सेमल्टी, प्रेम सिंह बगियाल, हुकम दत्त बिजल्वाण, गणेश चंद्र डबराल, सुधा द्विवेदी, बीनू माजी, विनोद द्विवेदी, हर्षलाल असवाल, आकृति गुनसोला, संध्या, श्रुति, रंजना उनियाल, कामन बंसल, रीना डोभाल, कनक नौटियाल, प्रिया डिमरी आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
