जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक: दुर्घटना रोकथाम एवं मानसून तैयारियों की समीक्षा।

टिहरी:- जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनवरी से मई 2026 के दौरान जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में 39.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि अधिकांश दुर्घटनाएं अंधे मोड़ों तथा वाहन चालकों का ध्यान भटकने के कारण हुई हैं। थानावार समीक्षा में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं देवप्रयाग क्षेत्र में तथा मार्गवार सर्वाधिक दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर दर्ज की गई हैं।

जिलाधिकारी ने देवप्रयाग क्षेत्र में यातायात एवं ओवरस्पीडिंग की चेकिंग और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर क्रैश बैरियर एवं पैरापेट (Parapet) की मरम्मत कराए जाने पर बल दिया।

बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग द्वारा अब तक 2,606 चालान तथा पुलिस विभाग द्वारा 25,985 चालान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नरेंद्रनगर एवं कोटी कॉलोनी क्षेत्र में संयुक्त प्रवर्तन अभियान के दौरान 36 चालान किए गए।

पिछली बैठक में मुनि की रेती स्थित ब्रह्मानंद मोड़ पर तीव्र ढलान एवं तीखे मोड़ वाले स्थान के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए वहां रंबल स्ट्रिप (Rumble Strip) लगाए जाने का सुझाव दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए बीआरओ को आवश्यक निर्देश दिए।

मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अवगत कराया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में मलबा एवं पेड़ गिरने की संभावना वाले 20 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। इन सभी स्थानों पर जेसीबी मशीनों सहित आवश्यक संसाधनों की पूर्व तैनाती कर दी गई है, ताकि वर्षाकाल के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर यातायात को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखा जा सके।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, बीआरओ एस एस रावत, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, परिवहन विभाग सहित सड़क सुरक्षा समिति से संबंधित लोग उपस्थित रहे।

By Janswar

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