सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान: लाखों की भीड़, किलोमीटर लंबा जाम।WWW.JANSWAR.COM

कई किलोमीटर लंबा जाम लाखों श्रद्धालु ने सोमवती अमावस्या में किया गंगा स्नान।

हरिद्वार:- धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही हर की पौड़ी, चंडी घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ के चलते हरिद्वार की यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह दबाव में नजर आई। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और चंडी घाट से लेकर हर की पौड़ी तक कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। सोमवती अमावस्या, वीकेंड और चारधाम यात्रा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासन लगातार ट्रैफिक को सुचारू बनाने में जुटे रहे, लेकिन भारी भीड़ के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। देर शाम तक शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बना रहा और पुलिस कर्मी यातायात को नियंत्रित करने में लगे रहे। 

सोमवती अमावस्या पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में गंगा स्नान किया। हर की पौड़ी सहित सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। 

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। चंडी घाट, हर की पौड़ी, हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। निजी वाहनों, बसों और चारधाम यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़कें वाहनों से भर गईं और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। 

भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया था और विभिन्न स्थानों पर डायवर्जन भी किए गए थे। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से अधिक होने के कारण यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव बना रहा। पुलिसकर्मी लगातार वाहनों को रिलीव कराने और ट्रैफिक को सुचारू बनाने में जुटे रहे। 

कुल मिलाकर सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में जहां एक ओर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यातायात व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी। देर शाम तक गंगा घाटों और सड़कों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी रही।