40 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान, स्कूली बच्चों को दिया सड़क सुरक्षा और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण।
ऋषिकेश:- विश्व ट्रॉमा सप्ताह के तहत बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जरी विभाग द्वारा रक्तदान शिविर, फर्स्ट रिस्पॉन्डर प्रशिक्षण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्कूली बच्चों को भी आघात चिकित्सा, सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के समय जीवनरक्षक प्राथमिक सहायता के महत्व की जानकारी दी गई।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित सप्ताहव्यापी अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करना है।
अभियान के तहत स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल, निर्मल ज्ञान दान अकादमी श्यामपुर और एमआईटी ढालवाला में फर्स्ट रिस्पॉन्डर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों को दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देने, घायल व्यक्ति को प्रारंभिक सहायता उपलब्ध कराने, आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाने और अस्पताल पहुंचने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।
इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फर्स्ट रिस्पॉन्डर कोर्स के तहत ट्रॉमा प्रबंधन की जानकारी दी गई। वहीं, एडवांस्ड ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (एटीएलएस) प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से नर्सिंग स्टाफ को तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
रक्तदान कर जीवन बचाने का लिया संकल्प:- ट्रॉमा सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित निःशुल्क रक्तदान शिविर में 40 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान रक्तदाताओं ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का संकल्प लिया।
शिविर में पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड अभिनंदन सिंह, एम्स ऋषिकेश शाखा के ब्रांच मैनेजर गौरव विज और बैंक अधिकारी अतुल कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ट्रॉमा सेंटर एवं ब्लड बैंक के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया।
आयोजन समिति के सचिव डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि संस्थान का प्रयास है कि ट्रॉमा प्रबंधन की जानकारी केवल अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक दुर्घटनाओं से बचाव, प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक सहायता की जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई प्राथमिक सहायता दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रमों के दौरान ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, डॉ. रूबी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की डॉ. दलजीत कौर, सीएनओ डॉ. अनीता रानी कंसल, एटीएलएस कोर्स डायरेक्टर डॉ. बिप्लव, डीएनएस वंदना सहित डॉ. शांतम, अमित कुमार सैनी, अखिलेश उनियाल, शशिकांत, मेघा भट्ट, दीपिका कांडपाल, आदित्य, पंकज ठाकुर, मनोज कुमार, दिनेश लुहार, वरुण कुमार, सरला गौड़, ऋचा पांडे और गीतांजलि सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
