शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एवं महिलाएं गांधी पार्क में एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और हत्याकांड के कथित VIP आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने “अमित शाह वापस जाओ” के नारे भी लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित VIP आरोपी को CBI जांच से बचाने के लिए राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में दुष्यंत गौतम और अजय कुमार के नामों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए और उनकी रिहाई की मांग की।
मंच से जुड़े लोगों ने कहा कि पिछले चार वर्षों से उत्तराखण्ड की जनता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए लगातार आंदोलन कर रही है, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हत्याकांड से जुड़े कथित VIP आरोपियों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके बाद गांधी पार्क से प्रदर्शनकारी काले झंडे लेकर परेड ग्राउंड की ओर कूच करने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं को हिरासत में लेकर पुलिस बस से वसंत विहार थाने पहुंचाया। मंच के अनुसार, करीब तीन बजे सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिलता और मामले में दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल, उमा भट्ट, इंद्रेश मैखुरी, मोहित डिमरी, त्रिलोचन भट्ट, पद्मा गुप्ता, मंजू बलोदी, विमला कोली, विजया नैथानी, हेमलता नेगी, मंजू नेगी, कविता कृष्णपल्लवी, सतीश धौलाखंडी, प्रभात पुआल, राजू सिंह, रवि चोपड़ा, ब्रिगेडियर सर्वेश्वर डंगवाल, हरिओम पाली एवं मीना राणा सहित अनेक लोग शामिल रहे।
