देहरादून:- मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में अगले दो दिनों के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी संबंधित जनपदों एवं विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड एवं ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों का तत्काल स्थानीय स्तर तक प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव से वार्ता कर प्रदेश में मौसम की स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।

26 सितंबर को इन जिलों में अलर्ट

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव विनोद कुमार सुमन ने बैठक कर सभी जनपदों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को:

  • रेड अलर्ट: बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर
  • ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा
  • येलो अलर्ट: हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल

27 सितंबर को चार जिलों में रेड अलर्ट

27 सितंबर को:

  • रेड अलर्ट: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार
  • ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग
  • येलो अलर्ट: बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़

मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है।

संवेदनशील सड़कों पर जेसीबी तैनात रखने के निर्देश

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सचिव ने सभी 13 जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों एवं क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा जेसीबी एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने को कहा, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात सुचारु किया जा सके।

सचिव ने पर्वतीय मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यातायात संचालित करने तथा भूस्खलन एवं अतिवृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने के निर्देश दिए।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति में नागरिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 1077 तथा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

By Janswar

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