भूमि की नाप-जोख के बदले मांगी थी रकम, शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल।

नैनीताल:- सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में धारी तहसील में तैनात पटवारी निर्मल बोरा को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

मामला धारी तहसील क्षेत्र के मजीदा गांव से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने अपनी भूमि की नाप-जोख के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 पर की थी।

शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर नैनीताल/हल्द्वानी के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी निर्मल बोरा को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

बताया गया है कि आरोपी पटवारी निर्मल बोरा पुत्र शेर सिंह बोरा, निवासी उनकोट, धारी, नैनीताल है और वर्तमान में हल्द्वानी के बिठोरिया नंबर-1 क्षेत्र में रह रहा था।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई:- विजिलेंस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अब बड़ा सवाल—ऐसे मामलों में क्या हो कार्रवाई?

सरकारी कर्मचारी पर रिश्वत लेने का आरोप सिद्ध होने की स्थिति में केवल गिरफ्तारी तक मामला सीमित न रहकर कानूनी प्रक्रिया के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड और विभागीय कार्रवाई भी होनी चाहिए। साथ ही ऐसे मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

विजिलेंस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी और शिकायत व्यवस्था की भूमिका को सामने ला दिया है।

By Janswar

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