4611 में से 2852 घोषणाएं पूरी, 303 घोषणाएं अभी भी लंबित; अक्टूबर के मध्य में होगी अगली समीक्षा।
देहरादून:- मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनके संबंध में समय से विलोपन अथवा मर्ज की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। घोषणाओं के मर्ज अथवा अन्य विभागों को हस्तांतरण से संबंधित मामलों में भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
4611 में से 2852 मुख्यमंत्री घोषणाएं पूर्ण
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1759 घोषणाएं लंबित हैं और 447 घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया गया है।
लंबित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही गतिमान है। इनमें से 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 303 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं।
मुख्य सचिव द्वारा 11 अगस्त 2026 को की गई समीक्षा के समय 627 घोषणाएं लंबित थीं। अब इनकी संख्या घटकर 303 रह गई है।
विभागवार समीक्षा कर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने लंबित घोषणाओं के संबंध में विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित किए जाने के निर्देश भी दिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण लंबित घोषणाओं को संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण करें। योजनाओं को समय से पूरा करने के लिए भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में विभागों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से प्रारंभ किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
मुख्य सचिव ने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने सचिव एवं अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था पहले से निर्धारित की जाए, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पौड़ी की हेरिटेज स्ट्रीट और मल्टीस्टोरी पार्किंग पर भी चर्चा
मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों को आपस में समन्वित करते हुए एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।
कोल्ड स्टोरेज के लिए उपयुक्त भूमि पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क अथवा ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि की अनुपलब्धता की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, श्री मनुज गोयल, श्री रोहित मीणा, श्री नवनीत पाण्डेय, संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
