विश्व जल दिवस: “जल है तो कल है, सुरक्षित हमारा पल है” जल—जीवन का आधार।
(अरुणाभ रतूड़ी):- आज 22 मार्च 2026 को हम ‘विश्व जल दिवस’ मना रहे हैं। पानी केवल हमारी प्यास नहीं बुझाता, बल्कि यह पृथ्वी पर मौजूद हर जीव, पेड़-पौधे और सभ्यता का आधार है। लेकिन आज बढ़ते प्रदूषण और पानी की बर्बादी ने हमारे भविष्य पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं।
विश्व जल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया को स्वच्छ पेयजल की महत्ता समझाना और जल संकट से निपटने के लिए जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज भी दुनिया की एक बड़ी आबादी को शुद्ध पानी नसीब नहीं है।
जल संकट की गंभीर स्थिति:-घटता भूजल: जमीन के अंदर का पानी (Groundwater) तेज़ी से खत्म हो रहा है।प्रदूषण: हमारी नदियां और तालाब कचरे के कारण ज़हरीले हो रहे हैं। जलवायु परिवर्तन: बेमौसम बारिश और सूखे की वजह से जल स्रोत सूख रहे हैं।
हमारा कर्तव्य:- पानी बचाने के लिए हमें बड़े बदलाव नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों को सुधारना होगा:नल का सही उपयोग: ब्रश करते समय या हाथ धोते समय नल को खुला न छोड़ें।रेन वाटर हार्वेस्टिंग: बारिश के पानी को सहेजने की तकनीक अपनाएं।जागरूकता: अपने परिवार और मित्रों को पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझाएं।
पौधारोपण: अधिक पेड़ लगाएं, क्योंकि पेड़ वर्षा लाने में सहायक होते हैं।
पक्षी हो या इंसान, पानी के बिना सब बेजान हैं। यदि हम आज सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ी को केवल प्यास और संघर्ष ही मिलेगा। आइए इस ‘विश्व जल दिवस’ पर हम संकल्प लें कि हम न केवल पानी बचाएंगे, बल्कि जल के स्रोतों को भी स्वच्छ रखेंगे।
- पानी की रक्षा, देश की सुरक्षा।जब जल बचेगा, तभी भविष्य सजेगा।
- बूंद-बूंद से बनता है सागर, पानी बचाओ बनकर जागरूक नागर।
