मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन और यूएनडीपी की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव ईजाबेल त्शान के बीच विभिन्न विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा।
देहरादून, 3 जुलाई। आनन्द बर्द्धन से शुक्रवार को सचिवालय में United Nations Development Programme (यूएनडीपी) की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव Isabelle Tschan ने शिष्टाचार भेंट की। बैठक में उत्तराखंड सरकार और यूएनडीपी के बीच संचालित विभिन्न विकास कार्यक्रमों एवं भविष्य के सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने यूएनडीपी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में कौशल विकास एवं रोजगार सृजन, कार्बन क्रेडिट, डिजिटल एवं ऑनलाइन सिस्टम के विस्तार तथा बच्चों के जन्म से ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने जैसे क्षेत्रों में यूएनडीपी की विशेषज्ञता का लाभ राज्य को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की साक्षरता दर बेहतर है, लेकिन युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने यूएनडीपी से आजीविका और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में भी सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन क्रेडिट की संभावनाओं को विकसित करना राज्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बैठक में डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार तथा बच्चों के जन्म से ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
यूएनडीपी की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव ईजाबेल त्शान ने बताया कि संगठन उत्तराखंड में सार्वजनिक नीति एवं सुशासन, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण, निगरानी एवं मूल्यांकन, उद्यमिता, आईटी एवं एमआईएस, क्षमता निर्माण तथा निजी क्षेत्र के सहयोग जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच हुए व्यापक समझौते के तहत जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आजीविका, कौशल विकास, सर्कुलर इकोनॉमी, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा ज्ञान प्रबंधन के क्षेत्रों में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र सिंह भण्डारी तथा यूएनडीपी के प्रतिनिधि सत्यन चौहान और प्रदीप मेहता भी उपस्थित रहे।
