टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को मुख्यमंत्री ने किया रवाना। WWW.JANSWAR.COM

टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को मुख्यमंत्री ने किया रवाना।

टनकपुर/देहरादून:- उत्तराखंड से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार को टनकपुर से हुआ। पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और यात्रियों की सुखद एवं सफल यात्रा की कामना की।

मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान श्रद्धा और धैर्य बनाए रखने का आह्वान करते हुए सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और उत्पादों को बढ़ावा देने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। यात्री आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे हैं। दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तथा गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा तीर्थयात्री हैं।

शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया गया। यात्रियों ने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सुविधा और सुरक्षा के बेहतर प्रबंधों के लिए आभार जताया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच प्रथम दल के प्रस्थान के साथ पूरे क्षेत्र में उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल रहा।