169 शिकायतों की सुनवाई, कई मामलों का मौके पर निस्तारण; अवैध कब्जों और भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
एसीपी भुगतान में लापरवाही पर डेयरी प्रबंधक के वेतन पर रोक, जनहित के मामलों में संवेदनशील दिखा प्रशासन।
देहरादून, 6 जुलाई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे 169 फरियादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, आपदा क्षतिपूर्ति, पारिवारिक विवाद और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की भरमार रही। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।
एसीपी भुगतान में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई:- अधोईवाला निवासी नितिन कुमार ने शिकायत की कि दुग्ध संघ में कार्यरत उनकी माता को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद एसीपी का भुगतान नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेयरी) रायपुर रोड के प्रबंधक के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए और लंबित भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा।
भू-माफियाओं और अवैध कब्जों पर प्रशासन का शिकंजा:- मेहूंवाला में सरकारी नहर पर दीवार बनाकर किए गए अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम को तत्काल मौके पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
छिद्दरवाला और कृसाली में जनजातीय भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग किए जाने तथा एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की भूमि की बाउंड्री तोड़कर कब्जा करने के मामलों में एसडीएम ऋषिकेश और तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित ऐतिहासिक खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर कथित अवैध निर्माण के मामले में भी एसडीएम को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बुजुर्गों और महिलाओं की शिकायतों पर प्राथमिकता:- बंजारावाला की 61 वर्षीय बुजुर्ग महिला द्वारा परिवारजन से प्रताड़ना की शिकायत पर एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम के तहत त्वरित सुनवाई कर राहत देने के निर्देश दिए गए। चुक्खूवाला के एक बुजुर्ग दंपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
एक महिला द्वारा शराब की लत से ग्रसित पति की संपत्ति बच्चों के हित में अपने नाम कराने की मांग पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को पूरे परिवार की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दहेज उत्पीड़न के कथित झूठे मुकदमे और 40 लाख रुपये की मांग से जुड़े मामले को महिला प्रकोष्ठ को निष्पक्ष जांच के लिए सौंपा गया।
शिक्षा और सामाजिक सहायता के मामलों पर भी सकारात्मक पहल:- समाधान दिवस में आर्थिक तंगी से जूझ रहे विद्यार्थियों और जरूरतमंदों ने भी सहायता की गुहार लगाई। उत्तराखंड प्राविधिक विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र की फीस, एक दिव्यांग महिला की आर्थिक सहायता तथा एक छात्रा की पढ़ाई जारी रखने के लिए ‘नंदा सुनंदा’ योजना के तहत सहायता संबंधी प्रार्थना पत्रों पर प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके अलावा देवपुरम में सड़क निर्माण, बंजारावाला में अव्यवस्थित हॉट बाजार को व्यवस्थित करने तथा रेहड़ी-फड़ संचालकों के सत्यापन के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को सीएम हेल्पलाइन सहित लंबित शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, विभिन्न उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
