‘प्रेम तरु’ बना हरित क्रांति का जनआंदोलन, पहले ही दिन उत्तराखंड में लगे 500 पौधे। WWW.JANSWAR.COM

सत्य साईं सेवा संगठन और टेरिटोरियल आर्मी का संकल्प—हर परिवार लगाए एक पौधा, उसे वृक्ष बनने तक संभाले।

देहरादून:-(आज एक पौधा, कल जीवन की सांस):- जब जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका हो, जंगल लगातार सिमट रहे हों और स्वच्छ हवा भी भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही हो, ऐसे समय में उत्तराखंड से प्रकृति संरक्षण की एक सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल ने नई उम्मीद जगाई है। श्री सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड एवं 127 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) ईसीओ (गढ़वाल ग्रीनर्स) के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुआ “प्रेम तरु” अभियान पहले ही दिन जनभागीदारी का ऐसा उदाहरण बन गया, जिसने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारों का नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है।

अभियान के प्रथम दिन देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग 500 फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। गोरखा मिलिट्री स्कूल परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में आम, जामुन, नींबू, नीम, अशोक और बेलपत्र जैसे पौधे लगाए गए। लेकिन इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता केवल पौधारोपण नहीं रही, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण का संकल्प था। संदेश स्पष्ट था—”पौधा लगाना शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना ही सच्ची सेवा है।”

मुख्य अतिथि कर्नल प्रत्युल थपलियाल, कमांडिंग ऑफिसर, 127 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) ईसीओ (गढ़वाल ग्रीनर्स), ने कहा कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा भी खरीदनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि वह समय दूर नहीं होगा जब बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिखाई देगा। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम दो से चार पौधे लगाने तथा बच्चों के हाथों से उनका रोपण कराने का आह्वान किया, ताकि प्रकृति संरक्षण जीवन के संस्कार का हिस्सा बन सके।

सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेंद्र सिंह ने बताया कि 12 जुलाई से 31 अगस्त तक चलने वाला “प्रेम तरु” अभियान पूरे उत्तराखंड में व्यापक जनसहभागिता के साथ संचालित होगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना है। उन्होंने टेरिटोरियल आर्मी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जब सेना और समाज एक साथ किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए आगे आते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. बख्शी, श्रद्धा बख्शी, डॉ. विपिन वैश्य, मीनू वैश्य, दीपक नौटियाल (ट्रस्टी), कैप्टन अजय स्वरूप, सूबेदार भूपेंद्र सिंह सहित टेरिटोरियल आर्मी के जवान, नीरज थापा, सज्जन सिंह थापा, किरण अहलूवालिया, शालिनी स्वरूप, अभिषेक शाही, राज्य मंत्री एवं उपाध्यक्ष गोरखा कल्याण परिषद उत्तराखंड सपना थापा, डॉ. ओ.पी. गुप्ता, डॉ. आर.एम. सिंघल, डॉ. लता सिंघल, समरजीत अहलूवालिया, नीमा जोशी, मीरा छेत्री, निधि शर्मा, लता खम्पा, पूनम गुरुंग, सुधा पुन, कुसुम शर्मा, दीपा कौशल, रेखा ठाकुर, करुणा रावत, ज्योति, , शुभा दुबे, कौतुक, समर्थ सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, समाजसेवी, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।

हर पौधा बनेगा भविष्य का प्रहरी:- आज लगाया गया एक छोटा-सा पौधा आने वाले वर्षों में किसी राहगीर को छाया देगा, किसी पक्षी का आशियाना बनेगा, किसी बच्चे को स्वच्छ हवा देगा और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएगा। “प्रेम तरु” केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रेम, सेवा और उत्तरदायित्व का सामाजिक आंदोलन है।
यदि उत्तराखंड का प्रत्येक परिवार केवल एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प निभा ले, तो आने वाले वर्षों में यही पौधे प्रदेश को हरित, स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की सबसे मजबूत नींव बनेंगे। यही संदेश इस अभियान को एक साधारण कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर हरित क्रांति के जनआंदोलन में बदल देता है।