नारी पुनर्वास केंद्र में आवागमन व वाहन की आवश्यकता पर आयोग अध्यक्ष गंभीर, महिलाओं की सुविधा हेतु निदेशक को दिए आवश्यक निर्देश।
उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष ने कोटद्वार पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण, महिलाओं व छात्राओं के कल्याण को लेकर दिए निर्देश।
कोटद्वार:-उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल आज कोटद्वार के दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित जन जन की सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में बतौर अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार में कार्यक्रम के उपरांत, आयोग की अध्यक्ष सीधे नारी पुनर्वास केंद्र कोटद्वार पहुँचीं और वहाँ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर जाकर पुनर्वास केंद्र की सुरक्षा, खान-पान और आवास संबंधी व्यवस्थाओं को देखा और पूरा जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पाया कि केंद्र में वर्तमान में कुल 7 महिलाएं और युवतियां रह रही हैं। केंद्र की स्थिति को देखते हुए उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि यहाँ रह रही युवतियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। इससे पूर्व यहाँ आश्रित रहीं युवतियों में से एक मेधावी युवती उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बी.टेक (B.Tech) की पढ़ाई करने के लिए यहाँ से जा चुकी है, जो कि केंद्र के सकारात्मक माहौल को दर्शाता है।
इसी दौरान केंद्र में रह रही महिलाओं और युवतियों ने अध्यक्ष के सम्मुख अपनी व्यावहारिक समस्याओं को रखा। उन्होंने अवगत कराया कि विद्यालय और कॉलेज दूर होने के कारण उन्हें आने-जाने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, केंद्र में रह रही गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यकता के समय अस्पताल ले जाने व वापस लाने के लिए भी सुरक्षित वाहन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
युवतियों की सुविधा और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता से चिंता करते हुए अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने निरीक्षण स्थल से ही निदेशक, आई.सी.डी.एस. बी एल राणा को दूरभाष पर इस स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आवश्यकता अनुसार महिलाओं की चिंता करते हुए निर्देश दिए कि नारी पुनर्वास केंद्र की महिलाओं की सुविधा और चिकित्सा आवश्यकताओं के मद्देनजर यहाँ एक समर्पित वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस विषय को प्राथमिकता पर लेते हुए केंद्र के निरीक्षण रजिस्टर में भी अपनी आवश्यक टिप्पणियां और निर्देश दर्ज किए।
इस निरीक्षण के दौरान विभाग की प्रशासनिक अधिकारी विजयलक्ष्मी सहित अन्य संबंधित कर्मचारी व सुपरवाइजर उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने केंद्र के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे यहाँ आश्रित महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, खान-पान और स्वास्थ्य प्रबंधन का पूरा ध्यान रखें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
