मुख्यमंत्री धामी बोले: उत्तराखंड बनेगा विश्व की आध्यात्मिक राजधानी, कुंभ-2027 होगा दिव्य-भव्य और सुरक्षित।
हरिद्वार, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में कहा कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं ने इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरारी बापू केवल श्रीराम कथा के वाचक ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन के सशक्त संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति का “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट रहे हैं और दो माह के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में 55 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को रवाना करने का अवसर भी उन्हें मिला, जो राज्य में बेहतर बुनियादी ढांचे और सुरक्षित यात्रा प्रबंधन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कुंभ केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का महापर्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती, किरण चौधरी, स्वामी यतीश्वरानंद सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
